गंगा में डुबाकर की जिगर के टुकड़े की हत्या, छह महीने के बच्चे के रोने से परेशान होकर मां बनी हैवान

हरिद्वार। घर से छह माह का बच्चा चोरी होने की पूरी कहानी फर्जी निकली। बच्चे की मां ने ही उसे गंगा में फेंक दिया था। कॉलोनी के सीसीटीवी कैमरों ने मां के हाथों बच्चे के कत्ल की सनसनीखेज घटना सबके सामने लाकर रख दी। पूछताछ में मां ने पुलिस को बताया कि बच्चे के ज्यादा रोने से परेशान होकर वह खुद उसे गंगा में फेंक आई थी। एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने सोमवार को कनखल थाने में पूरी घटना से पर्दा उठाया।

मूलरूप से गुमानीवाला, ऋषिकेश निवासी दीपक बलूनी सिडकुल की एक आटोमोबाइल कंपनी में काम करते हैं। उनका परिवार कनखल की सर्वप्रिय विहार कॉलोनी स्थित सरला सदन में किराये के मकान में रहता है। रविवार दोपहर दीपक का छह माह का बेटा अंशु घर से गायब हो गया था। उनकी पत्नी संगीता का कहना था कि तीन साल की बेटी आराध्या और छह माह के अंशु को घर पर छोड़कर वह दूध लेने के लिए डेरी पर गई थी। वापस लौटने पर अंशु गायब था। बच्चा चोरी या अपहरण की संभावना को देखते हुए पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया था, लेकिन कॉलोनी के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पूरा मामला ही पलट गया। फुटेज में संगीता बलूनी कांधे पर बैग लेकर जाते दिखाई दी। घर वापस आते समय वह खाली हाथ थी। शक होने पर एसपी क्राइम मंजूनाथ टीसी, सीओ कनखल पूर्णिमा गर्ग व थानाध्यक्ष हरिओम राज चौहान ने संगीता से पूछताछ की तो वह टूट गई। उसने बच्चे को खुद गंगा में फेंकने की बात कुबूल की।  इस कुबूलनामे से पुलिस के होश फाख्ता हो गए। संगीता का कहना था कि बच्चा बहुत ज्यादा रोता था। बाहर का दूध नहीं पीने के चलते उसे हर समय बच्चे को अपना दूध पिलाना पड़ता था। इससे परेशान होकर उसने बच्चे को गंगा में फेंक दिया। एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने बताया कि गंगा में बच्चे की तलाश की जा रही है। बच्चे की हत्या के आरोप में संगीता को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करते हुए जेल भेज दिया गया है। कनखल के श्रीयंत्र मंदिर घाट पर गंगा में बच्चे का शव देखा गया था। गुजरात के श्रद्धालुओं ने मोबाइल में बच्चे का फोटो भी खींचा था। गंगा में बच्चे का शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक शव बहकर आगे पहुंच चुका था। श्रद्धालुओं ने पुलिस को बताया कि बच्चे का शव घाट की रेङ्क्षलग में फंसा हुआ था। ऐसा माना जा रहा है कि गंगा में फेंकने के कुछ मिनट बाद ही बच्चे की मौत हो गई होगी। पुलिस ने श्रद्धालुओं से शव का फोटो लेकर अंशु के फोटो से मिलान कराया तो पूरा मामला शीशे की तरह साफ हो गया।  बच्चा चोरी की बात सुनकर हर कोई उसकी मां से सहानुभूति जता रहा था। कॉलोनी की महिलाएं उसे दिलासा देने में लगी थी कि ईश्वर ने चाहा तो उसका बच्चा मिल जाएगा। लेकिन, यह किसी को नहीं मालूम था कि मां खुद अपने जिगर के टुकड़े को हमेशा के लिए खुद से दूर भेज चुकी है। सोमवार को फर्जी कहानी की पोल खुलने पर लोगों की सहानुभूति आक्रोश में बदल गई। मां के हाथों बच्चे की हत्या का सच सुनकर हर कोई हैरान था। लोगों में संगीता को लेकर गुस्सा था। ज्यादातर लोगों का कहना था कि बच्चा ज्यादा परेशान कर रहा था तो मारने के बजाय उसे किसी को गोद दे देती या अनाथालय में छोड़ देती। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने गुस्सा जताया।

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