ओवरलोडिंग पर नहीं लग पा रहा अंकुश

-ओवरलोडिंग से बढ़ रही हैं सड़क दुर्घटनाएं

देहरादून। जौनसार-बावर क्षेत्र में वाहनों में ओवरलोडिंग की समस्या पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। ओवरलोडिंग के चलते क्षेत्र के रूटों पर आए दिनों सड़क दुर्घटनाएं घट रही हैं लेकिन न विभाग चेत रहा है और नहीं वाहन चालक सबक सीख रहे हैं। दस सीट के वाहन पर 35 से 40 तक सवारी ढोई जाती हैं। क्षेत्र में ओवरलोडिंग का एक बड़ा कारण बसों का न चलना भी है।
जौनसार-बावर की यातायात व्यवस्था राम भरोसे है। वहां खस्ताहाल सड़कों पर ओवरलोडेड वाहन दौड़ रहे हैं, जो कि आए दिनों दुर्घटना का कारण भी बन रहे हैं। एक तरफ खस्ताहाल सड़कों के चलते लोग दुर्घटनाओं में जान गवां रहे हैं, वहीं क्षेत्र में पर्याप्त बसें न चलने के कारण लोगों को यूटीलिटियों व अन्य चैपहिया वाहनों की छतों पर बैठकर जोखिम भरा सफर करना पड़ता है। परिवहन विभाग व प्रशासन के अधिकारी जौनसार बावर क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुधारने के दावे करते हैं, लेकिन हकीकत उससे काफी जुदा है। हर बार आरटीओ व जिलाधिकारी क्षेत्र के रूटों पर पर्याप्त बसें चलाने के दावे करते हैं लेकिन अमल नहीं होता। साहिया-पजिटिलानी, बैराटखाई-बिसोगलानी, कालसी-खंडकांडी, कोटा-डिमऊ, कालसी-लखवाड़, नागताथ-कालसी, हाजा-दसोई-फिडोलानी, देहरादून-माक्टी मोटर मार्ग पर एक भी बस का संचालन नहीं हो रहा है। इन मोटर मार्गों से क्षेत्र के कई गांव जुड़े हुए हैं। बसें संचालित न होने से लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यूटिलिटी में क्षमता से अधिक सवारी बैठने पर क्षेत्र में आए दिनों दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय निवासी रणवीर सिंह चैहान, गजेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि क्षेत्र के रूटों पर बसों के संचालन के संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखा जा चुका है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि क्षेत्र के रूटों पर न परिवहन निगम की बसों का पर्याप्त संख्या में संचालन हो पा रहा है और नहीं निजी बसों का। बसें न चलने के कारण ही यूटिलिटियों में ओवरलोडिंग की समस्या बनी रहती है।
———————————————–

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*