एसएफआई ने अम्बेडर जयन्ती पर आयोजित की विचार गोष्ठी

देहरादून। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने डॉ० बाबा साहेव भीम राव अम्बेडकर की 128वी जयंती को शोषण से मुक्ति के खिलाफ संघर्ष करने के संकल्प के रूप में मनाया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा की वर्तमान सरकार की गलत नीतियों के कारण आज देश का सर्वाधिक कमजोर हिस्सा दलित, महिलाए, अल्पसंख्यक अपने को असुरक्षित महसूस कर रहा है आये दिन समाज के इस कमजोर हिस्से पर सरकारी एवं  दबंगों द्वारा तरह-तरह से हमले किये जा रहे है द्य इस के साथ ही वर्तमान सरकार सविधान की मूल भावनाओ से छेड़-छाड कर सविधान पर तरहदृतरह से हमला कर रही है साथ ही आज सविधान प्रद्द आरक्षण खतरे में है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यू०पी० सरकार के द्वारा मेडिकल वं इंजीनियरिंग कॉलेजों में आरक्षण समाप्त कर दिया है। रोहित बेमुला की आत्महत्या को संस्थागत हत्या करार देते हुए वक्ताओं ने केन्द्र सरकार का दलित विरोधी चेहरा सामने आने की बात कही। उन्होंने जयभीम और इन्कलाब का नारा लगाने की बात कही और कहा कि यही नारा हिन्दुस्तान की जनता को एक शोषण विहिन समाज की स्थापना का जरिया बन सकता है। वक्ताओं ने कहा कि डॉ० भीमराव अम्बेडकर ने जहाँ छुआछूत, जातीय उत्पीड़न और वर्ण व्यवस्था को जड़ से समाप्त करन के लिए सारी उम्र काम किया आज उनके विचारों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने केन्द्र व राज्य की सरकारों पर दलितों को मिले अधिकारो मे कटौति करने के खिलाफ एकजुट होने का आहवान किया। इस अवसर पर राज्य सचिव देवेन्द्र सिंह रावल, सुप्रिया भंडारी, शैलेन्द्र परमार, मोहित बिष्ट, संजय कुनियाल, सोनाली, सागर, अभिवंदिता राणा, तनूजा, रमेश, काजल, मनीष, लक्ष्य, आदि उपस्थित थे।

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