उत्तराखंड में 76,28,526 से अधिक मतदाता करेंगे पांच सांसदों का चुनाव

देहरादून। उत्तराखंड में होने वाले लोकसभा चुनाव में पांच सांसदों का चुनाव 76,28,526 मतदाता करेंगे। इनमें पुरूष मतदाता 39,84,327 और महिला मतदाता 36,43,969 व तृतीय लिंग के मतदाता 230 हैं। राज्य में कुल पोलिंग स्टेशन 11235 हैं, इनमें शहरी क्षेत्रों में 2548 व ग्रामीण क्षेत्रों में 8687 है। इसी प्रकार कुल पोलिंग स्टेशन लोकेशन 8367 है। इनमें शहरी क्षेत्रों में 1107 व ग्रामीण क्षेत्रों में 7260 हैं। सर्वाधिक दूरस्थ मतदान केंद्र थराली विधानसभा क्षेत्र में 40-प्रा0वि0 कनौल व बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र में 43-प्रा0वि0 दुमक हैं। फोटोयुक्त विधानसभा निर्वाचक नामावली की 1 जनवरी 2019 के आधार पर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के अंतिम प्रकाशन में 31 जनवरी 2019 को मतदाताओं के आंकडों की जानकारी देते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि पुनरीक्षण के बाद प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 76,28,526 है। इनमें पुरूष मतदाता 39,84,327 महिला मतदाता 36,43,969 व तृतीय लिंग के मतदाता 230 हैं। इस प्रकार ड्राफ्ट प्रकाशन की तुलना में मतदाताओं की संख्या मे विशुद्ध वृद्धि 65,696 रही है। ई-पी अनुपात ड्राफ्ट में 64.40 प्रतिशत था जबकि अंतिम प्रकाशन में यह 68.30 प्रतिशत है। लिंग अनुपात ड्राफ्ट में 912 था जबकि अंतिम प्रकाशन में 915 रहा है। कुल पोलिंग स्टेशन 11235 हैं इनमें शहरी क्षेत्रों में 2548 व ग्रामीण क्षेत्रों में 8687 है। इसी प्रकार कुल पोलिंग स्टेशन लोकेशन 8367 है। इनमें शहरी क्षेत्रों में 1107 व ग्रामीण क्षेत्रों में 7260 हैं। बताया गया कि सर्वाधिक दूरस्थ मतदान केंद्र थराली विधानसभा क्षेत्र में 40-प्रा0वि0 कनौल व बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र में 43-प्रा0वि0 दुमक हैं।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का अंतिम प्रकाशन किया गया है। परंतु अभी भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया जा सकता है। यह अंतिम मतदाता सूची नहीं है। अभी चुनाव की घोषणा नहीं हुई है। चुनाव में नामांकन की अंतिम तिथि तक निर्वाचक नामावली को फाईनल रूप दिया जाएगा। परंतु इसके व्यक्ति को मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने या कोई संशोधन करने के लिए नामांकन की अंतिम तिथि से लगभग 10 दिन पहले तक आवेदन कर देना होगा। महिला मतदाताओं व 18-19 आयुवर्ग के मतदाताओं पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस बार सौ प्रतिशत वीवीपीएटी मशीन का प्रयोग किया जाएगा। मतदाताओं को ईवीएम व वीवीपीएटी के बारे में जानकारी देने के लिए पूरे प्रदेश में  ग्राम स्तर तक माॅक-पोल व प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारियों को स्वीप के माध्यम से मतदाता जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए निर्देशित किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तय मानकों के आधार निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों के तबादलों के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस अवसर पर ईवीएम व वीवीपीएटी का प्रदर्शन भी किया गया।

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