उत्तराखंड के विकास को सरकारों पर खत्म करनी होगी निर्भरताः हरक सिंह

देहरादून। उत्तरांचल उत्थान परिषद की ओर से राज्य के अतीत और वर्तमान विषय पर आयोजित सम्मेलन में वक्ताओं ने मंथन किया। इस दौरान प्रदेश के वन मंत्री हरक सिंह रावत ने साफकहा कि उत्तराखंड राज्य का विकास करना है तो सरकारों पर निर्भरता खत्म करनी पड़ेगी।
रविवार को जोगीवाला रिंग रोड स्थित अलकनन्दा एन्कलेव स्थित सेवा निकेता में उत्तरांचल उत्थान परिषद ने सम्मेलन का आयोजन किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर वन मंत्री हरक सिंह रावत ने राज्य के विकास पर काफी काम करने की जरूरत बतायी। कहा कि हमे अपने प्राकृतिक संसाधनों के लिए नीतिगत कार्य करने होंगे। उन्होंने कहा कि दूनिया से भारी सख्या में लोग उत्तराखंड के चारों धामों में दर्शन करने आते हैं। इसलिए हब सबको अपने प्रकृति व सांस्कृतिक मू्ल्यों के जरिए विश्व को यह संदेश देना है कि उत्तराखंड भारत में ऐसा ऐसा राज्य है जो कि काफी आक्सीजन उपलब्ध कराता है। विशिष्ठ अतिथि के तौर पर यू-कॉस्ट के महानिदेशक डा. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि उत्तराखंड के किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती व फसलों के बढ़ावे की जानकारी देनी चाहिए। जिसे राज्य के किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो सके। उन्होंने हिमालय राज्यों में पानी के सूखते जलस्रोतों पर चिंता जाते हुए कहा कि भविष्य के लिए यह खतरे का संकेत हैं। इसलिए अब इस विषय पर कार्य करने की जरूरत है। मतस्य विभाग से डा. राजेश्वर उनियाल ने उत्तराखंड में प्रवासी लोगों के योगदान के विषय पर अपनी बात रखी। कहा कि ग्राम सभा से लेकर राज्य सभा तक प्रवासी लोगों का प्रतिनिधितत्व होना चाहिए। संस्कृति के बढ़ावे के साथ ही बाहर रहे लोगों को भी अपनी संस्कृति से जोड़ना जरूरी है। कार्यक्रम का संचालन एनसी जोशी ने किया। इस मौके पर उत्तरांचल उत्थान परिषद के अध्यक्ष प्रेम बुडाकोटी, रामप्रकाश, जयमल नेगी, बीएस रावत, मनवर सिंह रावत, दयानन्द चंदोला, सुरेश सुर्याल, सुरेंद्र गिरी, चरण सिंह कंडारी, ऋषिराज डबराल आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*