उत्तरकाशी में बादल फटने से भारी तबाही, आठ लोगों की मौत, 17 लोग लापता, कई घर जमींदोज

देहरादून। उत्तराखंड में भारी बारिश ने जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। उत्तरकाशी के मोरी प्रखंड के आराकोट क्षेत्र में बीती रात्रि अतिवृष्टि से माकुड़ी, टिकोची, आराकोट एवं मौंडा गांव में भारी तबाही मच गई।  बादल फटने से कई लोगों की मौत हो गई और दर्जनों मकान पानी के सैलाब में समा गए। रविवार देर शाम तक आराकोट और माकुड़ी से आठ लोगों के शव बरामद हो चुके थे। जबकि क्षेत्र में अलग-अलग जगह 15 से 17 लोगों के बहने और मलबे में दबने की सूचना है।

 मोरी ब्लाक के आराकोट क्षेत्र में शनिवार देर रात बादल फटने के बाद माकुड़ी गांव के गदेरे में आए उफान से कई मकान जमींदोज हो गए। माकुड़ी गांव में मलबे में दबे पांच लोगों के शव बरामद हो गए हैं। इनकी पहचान चतर सिंह (55) पुत्र कुंदन सिंह, उनकी पत्नी कलावती (45), कलावती (35) पत्नी किशन सिंह, ऋतिका (17) पुत्री किशन सिंह और सरोजनी देवी (31) पत्नी उपेंद्र सिंह के रूप में हुई है। जबकि माकुड़ी गांव से जोगड़ी देवी (75) पत्नी कुंदन सिंह और नेपाली मूल के लाल बहादुर लापता हैं। आराकोट में सोमा देवी (38) पत्नी मोहन लाल, नेपाली मूल के कालूराम (60) और सोबित (1) पुत्र रोहित के शव बरामद हुए हैं। यहां से राइंका आराकोट में प्रवक्ता बिजनौर निवासी बृजेंद्र कुमार (55) एवं उनकी पुत्री संगीता (30) के भी बाढ़ में बहने की सूचना है। आपदा प्रबंधन की टीम अन्य गांवों तक पहुंच कर आपदा में हताहत हुए लोगों को रेस्क्यू करने और उनकी जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
दर्जनों ग्रामीणों के सेब के बागीचे तबाह होने के साथ ही मकान भी मलबे से खतरे की जद में आ गए हैं। मौंडा के निकट खक्वाड़ी, बलावट एवं झोटाड़ी गांव में भी भारी नुकसान हुआ है। चिवां गांव के आंद्री खड्ड में आए उफान से मोटर पुल के साथ ही एक ट्रक भी बह गया है।
इन गांवों से नीचे टिकोची बाजार में मलबा घुसने से यहां राजकीय इंटर कालेज भवन के साथ ही एक दर्जन से ज्यादा आवासीय एवं व्यवसायिक भवन मलबे की भेंट चढ़ गए हैं। यहां सड़क पर खड़े कई वाहन भी उफान में बह गए। ग्रामीणों ने पहाड़ी की ओर भाग कर अपनी जान बचाई, लेकिन कुछ लोगों के बाढ़ में बहने या मलबे में दबने की आशंका जताई जा रही है। आराकोट खड्ड में आए उफान से पाबर नदी का प्रवाह अवरुद्ध होने पर नदी का पानी आराकोट बाजार में घुस गया।  पाबर नदी में उफान से ईशाली गांव को जोड़ने वाला झूला पुल भी खतरे की जद में है। डगोली गांव खतरे की जद में आने से ग्रामीण पहाड़ी पर शरण लिए हुए हैं। क्षेत्र में अतिवृष्टि से गाड़ गदेरों में भारी उफान आने से क्षेत्र में पाबर और टौंस नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए देहरादून प्रशासन ने त्यूणी बाजार का नदी की ओर वाला हिस्सा खाली करा दिया है। हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित मोरी उत्तरकाशी के सनेल गांव में कोठीगाड़ खड्ड में लगे स्टोन क्रशर में काम करने वाले तीन डंपर एवं दो जेसीबी मशीनों समेत कुछ मजदूरों के भी बाढ़ में बहने की सूचना है। क्षेत्र के माकुड़ी, चिवां, मौंडा, बलावट, खक्वाड़ी, टिकोची, आराकोट, डगोली, गोकुल, दुचाणू, मैंजणी, जागटा आदि गांवों को आने-जाने वाले संपर्क मार्ग भी नहीं बचे, जिससे सैकड़ों ग्रामीण अपने गांव में ही कैद होकर रह गए हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें इन गांवों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हुई है।आराकोट क्षेत्र तक पहुंचने वाली सड़कें जगह-जगह अवरुद्ध होने के कारण रविवार देर शाम तक भी प्रशासन एवं रेस्क्यू टीमें मौके तक नहीं पहुंच पाईं। आपदा की सूचना मिलते ही डीएम ने बड़कोट, पुरोला एवं मोरी से रेस्क्यू टीमों को आराकोट की ओर रवाना कर दिया था, लेकिन मोरी से 33 किमी आराकोट की ओर डार्मीगाड़ में एक लोडेड ट्रक के सड़क के बीच फंसने के कारण यहां करीब दो घंटे तक यातायात अवरुद्ध रहा। यहां से आगे पंद्राणू में सड़क अवरुद्ध होने के कारण देर शाम तक भी सभी टीमें यहीं फंसी रहीं।
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आपदा प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के सीएम ने दिए निर्देश  
देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तरकाशी जनपद में तहसील मोरी के अन्तर्गत आराकोट और उसके आस पास के क्षेत्र में बारिश एवं आपदा से प्रभावितों को जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने व राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश जिलाधिकारी उत्तरकाशी एवं सचिव आपदा प्रबंधन को दिए हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को युद्धस्तर पर राहत एवं सहायता प्रदान करने के निर्देश जिलाधिकारी उत्तरकाशी को दिए हैं। उन्होंने प्रभावितों के लिए आवासीय, खान-पान, पेयजल एवं चिकित्सीय सुविधाओं की उचित व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावितों को आवश्यक दवाईयाँ एवं अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिये मुख्य चिकित्साधिकारी एवंपशु चिकित्साधिकारी को भी निर्देश दिये हैं। 

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