अधिक से अधिक लोगों को श्रमयोगी मानधन एवं लघु व्यापारी-एनपीएस योजना से जोड़े 

देहरादून। मुख्य विकास अधिकारी जी.एस रावत की अध्यक्षता में कलेक्टेªट सभागार में प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना एवं लघु व्यापारी-एनपीएस योजना के समुचित क्रियान्वयन के सम्बन्ध में सम्बन्धित रेखीय विभागों के साथ बैठक आयोजित की गयी। मुख्य विकास अधिकारी ने फैसिलेटर श्रम विभाग तथा ग्राम्य विकास, पंचायत आईसीडीएस, कृषि, समाज कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, नगर निकाय, उद्योग, दुग्ध एवं पशुपालन आदि विभागीय अधिकारियों को प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना एवं लघु व्यापारी-एनपीएस योजना के अन्तर्गत अपने विभागीय स्तर पर कार्यरत् कार्मिकांे अथवा योजना लाभार्थियों के अधिक से अधिक पंजीकरण कराते हुए योजना का लाभ दिलवायें और इस सम्बन्ध में व्यापक तौर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये।
उन्होंने श्रम विभाग को सभी लाइन डिपार्टमेन्ट को इस सम्बन्ध में पत्राचार करते हुए सेन्सेटाइज करने को कहा साथ ही व्यापक प्रचार-प्रसार  से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ने की बात कही। उन्होंने दोनों योजनाओं में मानक के अनुसार शीघ्रता से योग्य लाभार्थियों का चयन करते हुए उनके सामान्य सेवा  केन्द्रो (सीएससी सेन्टर) पर पंजीकरण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान बैठक में सहायक श्रमायुक्त श्रम विभाग कमल जोशी ने दोनों योजना का परिचय देते हुए योग्य लाभार्थियों के मानक और पंजीकरण करवाने की समस्त औपचारिकताओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के लोगों को सामाजिक सुरक्षा लाभ से कवरेज कराने हेतु अधिक से अधिक पंजीकरण करवाना है। लाभार्थी की उम्र 18 वर्ष से 40 किसी अन्य पेंशन स्कीम से कवर्ड ना हो, आम करदाता न हो, इत्यादि मानक यदि पूरे करे तो आधारकार्ड और जनधन अथवा बचत खाता के माध्यम से सीएससी केन्द्रों पर पंजीकरण कराया जा सकता है। लाभार्थियों को उम्र के अनुसार न्यूनतम 18 वर्ष की उम्र वाले आवेदकों को 55 रू0 तथा अधिकतम 40 वर्ष से अधिक की उम्र वाले आवेदकों को  200 रू0 का मासिक प्रीमियम देय होगा। 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पर 3000 रू0 प्रतिमाह पेंशन हकदार होगा। और लाभार्थी की पेंशन भी उसी खाते में निर्गत होती रहेगी। लघु व्यापारी एनपीएस हेतु 1.5 करोड़ से कम टर्नओवर वाले व्यापारी-दुकानदार और किसी तरह के कामगार को पात्र बताया साथ ही प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना में स्वयं सहायकता समूह, आशा कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ती, फेरी वाले, रिक्शा चालक, ईट भट्टा, श्रमिक, कृषि श्रमिक, मिड-डे-मील कर्मचारियों सहित असंगठित क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति को पात्र बताया।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी प्रदीप पाण्डेय, जिला प्रतीरक्षण अधिकारी उत्तम सिंह चैहान, आईसीडीएस से क्षमा बहुगुणा सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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